बस्तर दशहरा रथ निर्माण के लिए दरभा जंगल से लकड़ी कटाई का विरोध दरभा बारहपाल-छिंदावाड़ा क्षेत्र के ग्रामीणों ने जताई आपत्ति, सरपंच, उपसरपंच, पंच एवं युवा सदस्य प्रदर्शन में रहे मौजूद
📅 04 Oct 2026, 03:48 AM
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संतोष यादव
दरभा। बस्तर के ऐतिहासिक एवं विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व के रथ निर्माण के लिए दरभा क्षेत्र के जंगलों से लकड़ी काटे जाने को लेकर ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। बारहपाल एवं छिंदावाड़ा क्षेत्र के ग्रामीणों ने जंगल से रथ निर्माण के लिए लकड़ी काटने की प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए प्रदर्शन किया।
विरोध प्रदर्शन में क्षेत्र के विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच, उपसरपंच, वार्ड पंच एवं युवा सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल क्षेत्र में पेड़ों की कटाई को लेकर स्थानीय ग्रामीणों की भावनाओं और पर्यावरणीय पहलुओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
ग्रामीणों ने बस्तर दशहरा रथ निर्माण के लिए लकड़ी उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को लेकर संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों से स्थिति स्पष्ट करने तथा ग्रामीणों की आपत्तियों पर गंभीरता से विचार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने एकजुट होकर अपनी बात रखी और जंगल संरक्षण के साथ परंपरा के निर्वहन का रास्ता निकालने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि बस्तर दशहरा की ऐतिहासिक परंपरा का सम्मान करते हुए जंगल और पर्यावरण की सुरक्षा भी जरूरी है। इसी मुद्दे को लेकर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और युवाओं ने विरोध प्रदर्शन में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
विरोध प्रदर्शन में क्षेत्र के विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच, उपसरपंच, वार्ड पंच एवं युवा सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल क्षेत्र में पेड़ों की कटाई को लेकर स्थानीय ग्रामीणों की भावनाओं और पर्यावरणीय पहलुओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
ग्रामीणों ने बस्तर दशहरा रथ निर्माण के लिए लकड़ी उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को लेकर संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों से स्थिति स्पष्ट करने तथा ग्रामीणों की आपत्तियों पर गंभीरता से विचार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने एकजुट होकर अपनी बात रखी और जंगल संरक्षण के साथ परंपरा के निर्वहन का रास्ता निकालने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि बस्तर दशहरा की ऐतिहासिक परंपरा का सम्मान करते हुए जंगल और पर्यावरण की सुरक्षा भी जरूरी है। इसी मुद्दे को लेकर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और युवाओं ने विरोध प्रदर्शन में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।