|| खुटेपाल में गोह पकड़कर खाने का मामला, पटेल पारा के तीन ग्रामीण पकड़े गए ||
📅 27 Aug 2026, 08:33 AM
✍️ Admin
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°°°उरपाल पकड़कर खाने का मामला°°°
खुटेपाल:- खुटेपाल गांव में मॉनिटर लिजर्ड (गोह), जिसे स्थानीय भाषा में उरपाल कहा जाता है, को पकड़कर खाने और उसका वीडियो इंस्टाग्राम पर अपलोड करने का मामला सामने आया है। मामले में वन विभाग ने खुटेपाल के पटेल पारा निवासी तीन ग्रामीणों को पकड़कर पूछताछ शुरू की है। पकड़े गए ग्रामीणों में नंदा, ऊंगा ओयाम और ओसाम शामिल हैं।
मामले में ऊंगा ओयाम ने पत्रकार के सामने यह स्वीकार किया कि उरपाल को घर लाकर पकाया गया और खाया गया था। ऊंगा के अनुसार, वह अन्य लोगों के साथ गाय चराने जंगल की ओर गया था। इसी दौरान एक कुत्ते ने उरपाल को पकड़ लिया था। इसके बाद वे उरपाल को घर लेकर आए और उसे पकाकर खा लिया।
ऊंगा ओयाम के अनुसार, घटना का वीडियो भी बनाया गया था और करीब एक सप्ताह पहले उसे इंस्टाग्राम पर अपलोड किया गया था। वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद वन विभाग को मामले की जानकारी मिली और विभाग ने कार्रवाई करते हुए तीनों ग्रामीणों को पकड़कर पूछताछ शुरू की।
बताया जा रहा है कि उरपाल को टीकमपाल के पास के जंगल क्षेत्र से लाया गया था। अब वन विभाग इस बात की जांच कर रहा है कि वन्यजीव को किस परिस्थिति में जंगल से लाया गया और घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे।
ग्रामीणों के बयान और सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो के आधार पर वन विभाग साक्ष्य जुटा रहा है। जांच पूरी होने के बाद मामले में वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मामले में ऊंगा ओयाम ने पत्रकार के सामने यह स्वीकार किया कि उरपाल को घर लाकर पकाया गया और खाया गया था। ऊंगा के अनुसार, वह अन्य लोगों के साथ गाय चराने जंगल की ओर गया था। इसी दौरान एक कुत्ते ने उरपाल को पकड़ लिया था। इसके बाद वे उरपाल को घर लेकर आए और उसे पकाकर खा लिया।
ऊंगा ओयाम के अनुसार, घटना का वीडियो भी बनाया गया था और करीब एक सप्ताह पहले उसे इंस्टाग्राम पर अपलोड किया गया था। वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद वन विभाग को मामले की जानकारी मिली और विभाग ने कार्रवाई करते हुए तीनों ग्रामीणों को पकड़कर पूछताछ शुरू की।
बताया जा रहा है कि उरपाल को टीकमपाल के पास के जंगल क्षेत्र से लाया गया था। अब वन विभाग इस बात की जांच कर रहा है कि वन्यजीव को किस परिस्थिति में जंगल से लाया गया और घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे।
ग्रामीणों के बयान और सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो के आधार पर वन विभाग साक्ष्य जुटा रहा है। जांच पूरी होने के बाद मामले में वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।